मैने दोस्ती, मैने रिश्ते कमाए हैं।।
यूं ही कभी देर रात एक फोन आ जाए,
कौन?
साहब, कंपनी आपको बहुत याद करती है,
मैने वो दर्द वो जज्बात कमाए है।।
दौलत कमाने की चाह नहीं थी कभी,
मैने सुकून, मैने मोहब्बत के वो पल कमाए है,
जो याद अजाते है कभी,
वो मुस्कुराहट, वो मीठे गम कमाए हैं।।
भीड़ में अकेला सा था कभी,
आज हजारों का साथ है,
परेशां हूं या ना भी हूं,
हाल चाल पूछने वाले दोस्त कमाए हैं।।
सहारे की जरूरत हो न हो,
परछाई की तरह साथ कमाया है,
जो अपना दिन भुलाकर,
मेरी रात को समझे,
ऐसी दोस्ती ऐसे रिश्ते कमाए हैं।।
पैसा तो सब कमाते है मगर,
मैने दोस्ती, मैने रिश्ते कमाए हैं।।
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