मेरा दिन भी तू, मेरी रात भी तू।
मेरा ख्वाब भी तू,मेरी हक़ीक़त भी तू।
मेरा इश्क़ मेरी मोहब्बत भी तू।
मेरा इनकार भी तू, मेरा इकरार भी तू।
मेरा अक्स भी तू, मेरी पहचान भी तू।
मेरा फ़ितूर भी तू, मेरा जुनून भी तू।
मेरी पूर्णिमा भी तू, मेरी अमावस भी तू
तुझसे हु मैं, मझसे है तू ।।
No comments:
Post a Comment