एक एहसास से है तेरे होने का,
तुझे पाने का , तेरे साथ जिंदगी बिताने का,
एक डर सा भी है तुझे खोने का,
कहीं गुम हो जाने का, इस अंधेरे में कही खो जाने का।
न जाने क्यों जिंदगी इम्तेहान ले रही है,
मैं सोचता था कि कुछ इम्तेहान तो होंगे ,
ये नही पता था कि हर लम्हा इम्तेहान बनकर रह जायेगा।
तुझसे दुर होना है ये तो पता था मझे,
लेकिन इतनी याद आएगी इसका अंदाजा नही था,
कहीं ठहर सी गयी है जिंदगी अब,
शायद कुछ खो गया है, कुछ ढूंढ रही है।
हर किसी को बोलता हूं खुश रहने के लिए,
जिंदगी को बिना सोचे जीने के लिए,
पर खुद को कैसे समझाऊं,
खुद से झूट नही बोला जाता ।
बस तेरे साथ होने का एहसास ही है,
जिसको जीने का सहारा समझ लेता हु,
तुझसे दूर होने की रुसवाई तो है,
बस उसी रुसवाई को गले से लगा लेता हुँ।
एक एहसास है तुझे पाने का,
तेरे संग जिंदगी बिताने का।।
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